13.4 अरब साल दूर आकाशगंगा में मिली ऑक्सीजन! वैज्ञानिक भी दंग हैं, जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने की थी खोज

नई दिल्ली: वैज्ञानिकों को अब तक की सबसे दूर स्थित आकाशगंगा में ऑक्सीजन के संकेत मिले हैं. यह खोज खगोलविदों को हैरान कर रही है, क्योंकि इससे पता चलता है कि शुरुआती ब्रह्मांड में सितारे उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से विकसित हुए. यह आकाशगंगा JADES-GS-z14-0 है. इसे जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने पिछले साल खोजा था. यह आकाशगंगा इतनी दूर है कि इसका प्रकाश धरती तक पहुंचने में 13.4 अरब साल लगा. इसका मतलब यह है कि जब ब्रह्मांड मात्र 300 मिलियन साल पुराना था, तब यह आकाशगंगा अस्तित्व में थी.

हालिया रिसर्च के लिए, डच और इटालियन खगोलविदों की टीमों ने ALMA रेडियो टेलीस्कोप का उपयोग करके JADES-GS-z14-0 का अध्ययन किया. यूरोपियन सदर्न ऑब्जर्वेटरी (ESO) के अनुसार, उन्होंने इसमें ऑक्सीजन की मौजूदगी के संकेत पाए, जो पहले वेब टेलीस्कोप द्वारा देखे गए थे.

ब्रह्मांड के “कॉस्मिक डॉन” नामक इस युग में नई आकाशगंगाओं में मुख्य रूप से हल्के तत्व जैसे हाइड्रोजन और हीलियम होने चाहिए थे. लेकिन इस नई खोज में देखा गया कि JADES-GS-z14-0 में भारी तत्वों की मात्रा उम्मीद से 10 गुना अधिक है.

खोज से वैज्ञानिक भी चौंक गए हैं!

लीडेन ऑब्जर्वेटरी के खगोलशास्त्री सैंडर शॉव्स ने इस खोज को “एक ऐसे किशोर को खोजने जैसा बताया, जहां केवल नवजात शिशु होने की उम्मीद थी.” उन्होंने AFP से बातचीत में कहा, “यह आकाशगंगा बेहद तेजी से विकसित हो रही है, जो बताता है कि ब्रह्मांड में आकाशगंगाओं की उत्पत्ति जितना हम सोचते थे, उससे कहीं तेज होती है.”

इटालियन एस्ट्रोफिजिसिस्ट स्टेफानो कार्नियानी ने इस खोज को “अविश्वसनीय” बताते हुए कहा कि इससे यह सवाल उठता है कि आकाशगंगाओं का जन्म आखिर कब और कैसे हुआ.

JWST से ब्रह्मांड की समझ पर सवाल

2022 में जेम्स वेब टेलीस्कोप के सक्रिय होने के बाद से वैज्ञानिकों को पता चला कि शुरुआती ब्रह्मांड की आकाशगंगाएं पहले सोचे गए अनुमान से कहीं ज्यादा चमकदार और विकसित थीं. यह खोजें इतनी चौंकाने वाली रही हैं कि वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड की मौजूदा समझ पर सवाल उठाने पड़े हैं.

Leave a Comment